नेतागिरी एक अभिशाप हैं इसे कैसे हटाएं



देशवासियो को हमेशा नेताओ के मत के आधार पर नियम बनाना पड़ता है जबकि आज डिजिटल काम हो रहा है वालेट के माध्यम से जनता द्वारा निर्णय पूर्ण रूप से सामुहिक प्रतिधित्व करने वाले  पारदर्शी निर्णय  आम जनता कर सकती है, क्योंकि आज ऑनलाइन एग्जाम, बैंक ट्रांजेक्शन इसका उदाहरण है  इसलिए क्यों न सभी निर्णय के लिए सीधे आम लोगो से उनका मत लेकर नियम बनाने के लिए वालेट से जनता से मत लिया जाये जिससे नेताओ की जरूरत नहीं पड़ेगी और जरूरत  है भी नही, 
अब हमें जागना होगा देश और विश्व को जागना होगा विकेन्द्रीकरण जो महापुरूषो का सपना था विश्व का सपना हैं, उसे डिजीटल डिसीजन के द्वारा पुरा किया जा सकता हैं, ये सब काम भारत जैसे देश में सरकारी प्रशासनिक अधिकारी Exam quelify अधिकारी करेंगे ,जैसे बैंक आदि के अधिकारी करते है वेसे ही देश के डिजीटल डिसिजन के प्रबन्धन काम प्रशासनिक अधिकारी करेंगे।

धन्यवाद बात अच्छी लगी है तो इसे देश के लोगो तक पहुचाये



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