बेरोजगारी कैसे दूर हो सकती हैं

बेरोजगारी दूर करने का एक ही उपाय हैं सरकार शिक्षितो और अनपढ़ों में बहुत भेदभाव करना कम कर दे क्योंकि आज व्यक्ति को अनपढ़ को जानवर और शिक्षित को भगवान समझा जाने लगा है जरूरत है कि इन दोनों ही क्षेत्रों में लोगों को जो वेतन दिया जाता है उसमें समानता लाने कि जब तक यह समानता नहीं आएगी तब तक बेरोजगारी समाप्त नहीं हो सकती क्योंकि व्यक्ति बेरोजगार रहना पसंद कर सकता है भूखा रह सकता है लेकिन अपने कर्म को बड़ा नहीं मान कर अपने आप को वास्तविक इंसान नहीं मान सकता, उनकी वेतन बढ़ानी ही चाहिए तभी वह स्वयं को स्वाभिमानी और अमीर उन्हें इंसान समझेंगे,
 बड़े-बड़े सेक्टर इनकी पेमेंट घटानी चाहिए और जो छोटे सेक्टर है उनकी पेमेंट बढ़ा देनी चाहिए
 
कर्म के प्रति इतना अनैतिक व्यवहार हम कैसे करसकते हैं देश में जो वास्तविक जीडीपी बनाता है उसे हम मूर्ख पागल समझते हैं और जो जीडीपी में ना के बराबर मेहनत करता है उससे हम मालिक भगवान और सर्वश्रेष्ठ मानते हैं जरूरत है इन दोनों ही लोगों में कर्म को प्रधानता देने की जो लोग वास्तविक रूप से कर्मठ है उन्हें उनका स्वाभिमान देने की अधिकार देने की क्योंकि से यह दुनिया कहीं ना कहीं विपरीत दिशा में चल रही है सही दिशा वही है कर्म कर्म को प्रधानता देना क्योंकि वास्तविक रूप में व्यक्ति अपने कर्म से ही महान होता है
       सरकार को फैसला लेना चाहिए अमीर लोगों या जो विभिन्न विभाग हैं शिक्षा स्वास्थ्य रक्षा इन लोगों की पेमेंट घटाएं और मजदूर गरीब तथा किसानों की पेमेंट बढ़ाएं योजनाबद्ध तरीके से नहीं सीधे कमी और वृद्धि करके । 

   लेकिन समाज और सरकार को इस संबंध में ऊंचा उठना होगा वोट बैंक और धन के प्रति लालसा को कम करना होगा तभी यह संभव है ।

Comments

Popular posts from this blog

देश में आज समय की मांग

आरक्षण कैसे समाप्त हो सकता है

आर्थिक आधार पर आरक्षण कैसे हो - राममनोहर लोहिआ