प्रकृति ने इंसान को क्यों बनाया







 प्रकृति ने दुनिया में एक चीज बनाई थी वह है इंसान जो कि दूसरों के दुखों को समझ सकता है और उन समस्याओं का समाधान भी कर सकता है । लेकिन इंसान अपने ही इस विशेष गुण भूल चुका है यदि इस दुनिया में इंसान ही अपने इस काम को भूल जाएगा और अन्य प्राणी की तरह व्यवहार करेगा तो यह दुनिया कैसे चलेगी।



 आज आवश्यकता है कि इस धन के पीछे भागने वाली इस व्यवस्था को बदलने की, क्योंकि धन पर ब्याज के नाम पर या अन्य किसी भी नाम पर मालिकाना हक के नाम पर लोग अमीर बनकर के दूसरो को गरीब बनाकर उन्हे प्रताड़ित करते हैं ।

धन के नाम पर यह बहुत बड़ा वर्ग संघर्ष हो चुका है और यह बहुत ही विनाशक है अनैसर्गिक है । इसलिए दुनिया के सभी लौगो को मिलकर नई सोच विकसित करें नए अवसर खोजे जिससे कि वह स्वयं और इस दुनिया के अन्य प्राणी को भी बचा सकें। धन्यवाद

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